विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में कमजोर रुख और अमेरिका तथा वेनेजुएला के बीच भू-राजनीतिक तनाव ने घरेलू मुद्रा में तेज बढ़त पर अंकुश लगाया.
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) ने केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई घोषणा को लागू करने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 से शुरू होने वाली तीन वर्षीय पीपीपी पाइपलाइन योजना बनाई है.
रेटिंग एजेंसी का कहना है कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा आयकर में कटौती जैसे प्रमुख सुधार और व्यापार समझौते, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के रूप में काम करेंगे। साथ ही अर्थव्यवस्था को वैश्विक उथल-पुथल से बचाएंगे।
रिपोर्ट के अनुसार कीमतों में गिरावट की रफ्तार तेज हो सकती है, जिससे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति निश्चित रूप से 3.4 प्रतिशत से नीचे रहेगी.
बीसीसीएल का आईपीओ नौ जनवरी को खुलेगा जो वर्ष 2026 का पहला आईपीओ भी होगा. यह निर्गम 13 जनवरी बंद होगा जबकि एंजेल यानी बड़े निवेशक आठ जनवरी को बोली लगाएंगे.
हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि वेनेजुएला 11 लाख बैरल प्रतिदिन के अपने वर्तमान उत्पादन को दोगुना या तिगुना करके जल्दी ही ऐतिहासिक स्तर तक लौट सकता है.
जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि भारत के लिए इसका आर्थिक या ऊर्जा क्षेत्र पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं होगा, क्योंकि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत-वेनेजुएला व्यापार पहले ही काफी घट चुका है।